कुदरत की संपूर्णता को पाने के लिए वातावरण ही सबसे ज्यादा अहम होता है। परम सत्य को पाने की लगन, सबके लिए करुणा।

 
चलते रहे कदम दोस्तों
किनारा जरुर मिलेगा ।
अन्धकार से लड़ते रहे
सवेरा जरुर खिलेगा ।
जब ठान लिया मंजिल पर जाना
रास्ता जरुर मिलेगा ।
ए राही न थक, चल..
एक दिन समय जरुर
फिरेगा।"

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